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शुभ समय, पंचांग, तिथि, नक्षत्र और कार्य चयन पर संसाधन खोजें।
मुख्य मार्गदर्शिकाएँ और लेख
इस आवश्यकता पर केंद्रित चयनित पाठ — गहराई और महत्व के अनुसार क्रमबद्ध।
मुहूर्त मार्गदर्शिका: शुभ तिथि और समय चयन
मुहूर्त सीखें: शुभ समय का वैदिक विज्ञान। यह मार्गदर्शिका पंचांग, नक्षत्र, तिथि और प्रमुख जीवन-कार्यक्रमों के लिए उचित मुहूर्त चुनना बताती है।
मार्गदर्शिकाअधिक मास 2026: पुरुषोत्तम मास की पूर्ण मार्गदर्शिका
अधिक मास 2026 की तिथियाँ, पंचांग logic, पुरुषोत्तम मास का अर्थ, क्या करें-क्या न करें, और विष्णु उपासना, दान, जप व आंतरिक संतुलन की सरल साधना।
लेखविवाह मुहूर्त: सर्वोत्तम विवाह तिथि कैसे चुनें
पंचांग, नक्षत्र, तिथि, लग्न और दोनों कुंडलियों से विवाह मुहूर्त चुनें। शुभ तिथियाँ, वर्जित काल, कुंडली-जाँच और व्यावहारिक संतुलन सरल रूप से समझें।
लेखगृह प्रवेश मुहूर्त: नए घर के लिए शुभ तिथियाँ
पंचांग के आधार पर गृह प्रवेश मुहूर्त चुनें: अनुकूल नक्षत्र, तिथि, मास, वर्जित काल, प्रवेश संस्कार का सही समय और गृह स्वामी की कुंडली-संगति सहित।
लेखपंचांग विस्तार से: वैदिक दैनिक कैलेंडर के 5 तत्त्व
पंचांग को समझें, वैदिक कैलेंडर के 5 प्रमुख तत्त्व। दैनिक योजना और शुभ समय के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, वार, प्रयोग, भिन्नताएँ और कारण सीखें।
लेखआज का राहु काल: समय, अर्थ और उपयोग
अपने स्थान का आज का राहु काल देखें, सप्ताह के अष्टांश समझें, और नित्य कार्यों को बाधित किए बिना शुभ आरम्भों के लिए इस परम्परा का विवेकपूर्ण उपयोग करें।
लेखव्यापार मुहूर्त: कंपनी या नया उद्यम शुरू करने की सर्वोत्तम तिथियाँ
कंपनी पंजीकरण, उत्पाद लॉन्च, अनुबंध, फंडिंग और कार्यालय उद्घाटन के लिए पंचांग, नक्षत्र, वार और संस्थापक-कुंडली से व्यापार मुहूर्त चुनना सीखें।
लेखवैदिक ज्योतिष में तिथि: चान्द्र दिवस प्रणाली को समझें
तिथि, वैदिक चान्द्र दिवस, 30 तिथियाँ, शुक्ल-कृष्ण पक्ष, देवता, गुण, पर्व, दैनिक अभ्यास और मुहूर्त चयन में तिथि की व्यावहारिक भूमिका विस्तार से समझें।
लेखमकर संक्रांति: सूर्य का मकर प्रवेश और प्रकाश की वापसी
मकर संक्रांति का खगोलीय और ज्योतिषीय अर्थ, सूर्य का मकर राशि में प्रवेश, शीत अयनांत से उसका पुराना संबंध, और भारत तथा नेपाल में इसका आध्यात्मिक महत्व।
लेखमहाशिवरात्रि और अंधकारमय चंद्र: भीतरी स्थिरता
महाशिवरात्रि अमावस्या से ठीक पहले की कृष्ण चतुर्दशी पर क्यों आती है, और अंधकारमय चंद्र रात्रि को ज्योतिष में गहरी आध्यात्मिक देहरी क्यों माना गया है।
लेखहोली, फाल्गुन और आनंदपूर्ण समर्पण का ज्योतिष
फाल्गुन पूर्णिमा पर होली, फाल्गुनी नक्षत्र क्षेत्र, होलिका की अग्नि, वसंत के रंग और आनंदपूर्ण समर्पण का ज्योतिषीय अर्थ, सरल अभ्यास और कुंडली संकेत सहित।
लेखराम नवमी: भगवान राम के जन्म की ज्योतिषीय व्याख्या
राम की पारंपरिक जन्म कुंडली, चैत्र शुक्ल नवमी, सूर्यवंश, अयोध्या और रामायण के ज्योतिषीय संदर्भ से धर्म, समय और साधना का आज के जीवन में अर्थ समझें।
मुख्य शब्द
इन संसाधनों में बार-बार आने वाले शब्द।
पञ्चाङ्ग
पाँच दैनिक तत्वों का वैदिक पंचांग: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण।
शब्द कोशकरण
आधी तिथि (6° सूर्य-चन्द्र अन्तर), पञ्चाङ्ग के पाँच तत्वों में से एक।
शब्द कोशनक्षत्र
27 नक्षत्रों में से एक, जो राशिचक्र को 13°20' के खंडों में विभाजित करता है।
शब्द कोशमुहूर्त
महत्वपूर्ण कार्यों को आरम्भ करने के लिए ज्योतिषीय गणना द्वारा चुना गया शुभ समय।
शब्द कोशतिथि
चन्द्र मास की 30 कलाओं में से एक, जो सूर्य और चन्द्र के बीच 12° के कोणीय अंतर को दर्शाती है।
शब्द कोशगण्डान्त
राशि और नक्षत्र विभाजन में जल और अग्नि राशियों की संधि के संवेदनशील बिन्दु।
शब्द कोशविंशोत्तरी दशा
सर्वाधिक प्रयुक्त वैदिक ग्रहीय दशा प्रणाली — जन्म के चन्द्र नक्षत्र पर आधारित 120 वर्षों का चक्र।