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कुंडली एवं जन्म कुंडली

Understanding your Vedic birth chart - generation, interpretation, divisional charts, and calculation science.

15 लेख
संग्रह

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  1. निःशुल्क कुंडली ऑनलाइन: अपनी जन्म कुंडली कैसे बनाएँ और समझें

    अपनी निःशुल्क कुंडली तुरन्त ऑनलाइन बनाएँ और पढ़ें। जन्म विवरण दर्ज करें और भाव, ग्रह, नक्षत्र व दशाओं सहित एक सटीक वैदिक जन्म कुंडली प्राप्त करें।

    9 मिनट
  2. लग्न बनाम नवमांश: कुंडली में D1 और D9

    कुंडली में लग्न (D1) और नवमांश (D9) की तुलना करें: निर्माण, वर्गोत्तम बल, विवाह, धर्म, दशा-समय, जन्म-समय शोधन और व्यावहारिक पठन-नियम समझें।

    9 मिनट
  3. वर्ग कुंडलियाँ (डिवीजनल चार्ट): D1-D60 मार्गदर्शिका

    वैदिक ज्योतिष के 16 शास्त्रीय वर्गों की D1 से D60 तक मार्गदर्शिका। जानें प्रत्येक वर्ग क्या दिखाता है, कब उपयोगी है, और उन्हें साथ कैसे पढ़ें।

    11 मिनट
  4. आपकी कुंडली में ग्रह-स्थिति: प्रत्येक ग्रह क्या प्रकट करता है

    जानें कि आपकी कुंडली में प्रत्येक ग्रह की स्थिति का क्या अर्थ है। समझें कि नौ वैदिक ग्रह (नवग्रह) आपके जीवन के विभिन्न क्षेत्रों को कैसे प्रभावित करते हैं।

    10 मिनट
  5. अयनांश: वैदिक और पाश्चात्य कुंडली

    अयनांश की व्याख्या: वैदिक और पाश्चात्य कुंडली क्यों अलग दिखती हैं, अयन गति कैसे काम करती है, और लाहिरी, रामन, के.पी., फ़गन-ब्रैडली कब चुनें।

    7 मिनट
  6. आपकी कुंडली कितनी सटीक है? गणना विधियों को समझें

    कुंडली की सटीकता समझें: Swiss Ephemeris, भाव-पद्धति, जन्म-समय, जन्म-स्थान और अयनांश गणना को कैसे प्रभावित करते हैं, और कहाँ सावधानी रखनी चाहिए।

    7 मिनट
  7. नवमांश कुंडली (D9): आत्मा की दूसरी कुंडली

    D9 नवमांश को गहराई से समझें: जीवनसाथी, धर्म, आध्यात्मिक बल, D1 से D9 तक ग्रह-परिवर्तन, और व्यावहारिक विवाह-धर्म पठन में यह वर्ग इतना प्रमुख क्यों है।

    13 मिनट
  8. दशमांश कुंडली (D10): करियर का विभाजन-चार्ट

    D10 दशमांश को करियर-कुंडली की तरह पढ़ें: प्रतिष्ठा, सार्वजनिक पहचान और व्यावसायिक धर्म को दशम-विभाजन चार्ट के स्पष्ट नियमों और पठन-क्रम से समझें।

    13 मिनट
  9. सप्तांश कुंडली (D7): संतान और सृजनात्मक प्रजा की कुंडली

    सप्तांश D7 से संतान, प्रजनन, सृजनात्मक प्रजा और पंचम भाव के पूर्व पुण्य को वैदिक ज्योतिष की सातवीं विभाग कुंडली से समझें।

    13 मिनट
  10. द्वादशांश कुंडली (D12): बारहवें वर्ग से माता-पिता को पढ़ना

    D12 द्वादशांश माता-पिता के कर्म की कुंडली है - 9वें भाव व सूर्य से पिता, 4थे भाव व चंद्रमा से माता, और वंशगत कर्म के सूक्ष्म संकेत कैसे पढ़ें।

    13 मिनट
  11. षष्ट्यांश कुंडली (D60): ज्योतिष का कर्म-सूक्ष्मदर्शी

    D60 षष्ट्यांश, सबसे सूक्ष्म वर्ग कुंडली, इसके लिए जन्म-समय की मिनट-स्तर की सटीकता क्यों आवश्यक है, और यह किन गहरे कर्म-पैटर्न को उजागर करती है।

    13 मिनट
  12. द्रेक्काण कुंडली (D3): भाई-बहन और पराक्रम

    D3 द्रेक्काण में प्रत्येक 30° राशि तीन 10° भागों में विभाजित होती है। जानें इसे भाई-बहन, सहोदर सम्बन्ध और पराक्रम के लिए कैसे पढ़ते हैं और क्या देखते हैं।

    13 मिनट
  13. चतुर्थांश कुंडली (D4): संपत्ति, अचल परिसंपत्ति और घर

    D4 चतुर्थांश से संपत्ति, घर, वाहन और पैतृक भूमि का पठन समझें, साथ में D1 से मिलान, दशा-गोचर समय, शहरी संपत्ति और किराये बनाम स्वामित्व का संदर्भ भी।

    13 मिनट
  14. विंशांश कुंडली (D20): आध्यात्मिक साधना और इष्ट देवता की कुंडली

    D20 विंशांश - आध्यात्मिक साधना, इष्ट देवता और भक्ति-प्रवृत्ति की वर्ग कुंडली। जानें D1 के साथ साधना और आध्यात्मिक जीवन का सूक्ष्म नक्शा कैसे पढ़ें।

    13 मिनट
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