उपाय एवं अभ्यास
शास्त्रीय वैदिक उपाय — रत्न, मंत्र, यंत्र, व्रत और दान — लक्षण के लिए नहीं, ग्रह के लिए चुने गए।
लेख: उपाय एवं अभ्यास
शास्त्रीय वैदिक उपाय — रत्न, मंत्र, यंत्र, व्रत और दान — लक्षण के लिए नहीं, ग्रह के लिए चुने गए।
वैदिक उपाय: रत्न, मंत्र, यंत्र और अभ्यासों की सम्पूर्ण मार्गदर्शिका
वैदिक उपायों की सम्पूर्ण मार्गदर्शिका। कब रत्न, कब मंत्र, कब यंत्र और कब दान का प्रयोग करें। सामान्य सलाह नहीं, अपनी कुंडली के अनुसार सही उपाय चुनिए।
उपाय एवं अभ्यासरत्न उपाय: हर ग्रह के लिए सही रत्न (और कब न पहनें)
हर ग्रह का सही रत्न - सूर्य के लिए माणिक्य, चंद्र के लिए मोती, मंगल के लिए मूंगा। साथ ही जानें किन कुंडली-स्थितियों में पारंपरिक रत्न लाभ के बजाय हानि देता है।
उपाय एवं अभ्यासमंत्र उपाय: नवग्रह के लिए ध्वनि-आधारित अभ्यास
नौ नवग्रहों के मंत्र उच्चारण, जप संख्या, श्रेष्ठ दिन-समय और कुंडली-दोष के अनुसार किन ग्रहों पर पहले उपाय करें; मंत्र तीव्रता का यह संक्षिप्त मार्गदर्शक।
उपाय एवं अभ्यासयंत्र: नवग्रह के लिए ज्यामितीय उपाय
वैदिक ज्योतिष में यंत्र-उपाय: निर्माण, प्राण-प्रतिष्ठा और दैनिक साधना के साथ। जानें कि कब श्री यंत्र, नवग्रह यंत्र और ग्रह-विशेष यंत्र का चयन उपयुक्त है।
उपाय एवं अभ्यासदान उपाय: नवग्रह के लिए क्या-क्या दान करें
शास्त्रीय दान-उपाय: हर ग्रह के लिए क्या दान करें, किसे दें, और किस वार करें। इसमें बताया गया कर्मीय तर्क दान को पीड़ित ग्रह के प्रभाव को नरम करता है।
उपाय एवं अभ्यासव्रत उपाय: नवग्रह के लिए साप्ताहिक व्रत
वैदिक व्रत उपाय की पूर्ण मार्गदर्शिका: किस वार किस ग्रह का है, क्या खाएँ और क्या न खाएँ, और निरंतर व्रत साधना समय के साथ ग्रह के प्रभाव को कैसे नर्म करती है।
उपाय एवं अभ्यासरुद्राक्ष: 1-मुखी से 21-मुखी और उनका ग्रह-उपाय
रुद्राक्ष की संपूर्ण मार्गदर्शिका — 1 से 21 तक हर मुखी, उससे जुड़ा ग्रह, किसे पहनना चाहिए, और असली मनका पहचानने के परीक्षण।
उपाय एवं अभ्यासवैदिक ज्योतिष में रंग चिकित्सा: हर ग्रह के लिए सही रंग पहनें
नवग्रहों में से प्रत्येक एक रंग का स्वामी है — उस रंग को उसके वार पर पहनें और सूक्ष्म उपायात्मक लाभ पाएं। वस्त्र, दीवारें, सहायक वस्तुएं और कुंडली-विशिष्ट सावधानियों सहित पूर्ण मार्गदर्शन।
उपाय एवं अभ्यासअधिक मास 2026 में क्या करें: 30-दिन की साधना योजना
अधिक मास 2026 के लिए जप, दान, व्रत, गीता पाठ, विष्णु सहस्रनाम, आदत-संशोधन और सरल संकल्प की व्यावहारिक योजना।