उपाय खोजें
मंत्र, रत्न, दान, व्रत, भक्ति अभ्यास और संतुलित उपाय मार्गदर्शन देखें।
मुख्य मार्गदर्शिकाएँ और लेख
इस आवश्यकता पर केंद्रित चयनित पाठ — गहराई और महत्व के अनुसार क्रमबद्ध।
नवग्रह: वैदिक ज्योतिष में 9 ग्रहों की सम्पूर्ण मार्गदर्शिका
नवग्रह की सम्पूर्ण मार्गदर्शिका: वैदिक ज्योतिष के सभी 9 ग्रह, उनके कारकत्व, राशि, भाव, गरिमा, दशा, गोचर और कुंडली-संश्लेषण उदाहरण सहित समझें।
मार्गदर्शिकासूर्य: वैदिक ज्योतिष में सूर्य - आत्मा, पिता, और दिव्य प्रकाश
वैदिक ज्योतिष में सूर्य की सम्पूर्ण मार्गदर्शिका। सूर्य की पौराणिक कथा, कारकत्व, प्रत्येक भाव और राशि में प्रभाव, मेष में उच्चत्व, शनि-सूर्य कथा, और उपाय।
मार्गदर्शिकावैदिक ज्योतिष में चन्द्र: मन, माता और चन्द्रमा
वैदिक ज्योतिष में चन्द्र को समझें: मन कारक, माता, स्मृति, विंशोत्तरी दशा का नक्षत्र-बीज, वृषभ में उच्च, वृश्चिक में नीच, और चन्द्र-राशि का महत्व।
मार्गदर्शिकावैदिक ज्योतिष में मङ्गल: मंगल, साहस और कार्तिकेय
मङ्गल को मंगल ग्रह के रूप में समझें: साहस, भूमि, भाई, कार्तिकेय कथा, मकर उच्चत्व, कर्क नीचत्व, योग, दोष, दशा, विवाह-सूक्ष्मता और सुरक्षित उपाय।
मार्गदर्शिकाबुध: वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह
वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह का सम्पूर्ण मार्गदर्शन: चन्द्र-तारा कथा, कन्या में उच्च, मीन में नीच, बुद्धि, वाणी, व्यापार, उपाय और बुधादित्य योग।
मार्गदर्शिकाशुक्र: वैदिक ज्योतिष में शुक्र
शुक्र ग्रह की विस्तृत मार्गदर्शिका: प्रेम, कला, विवाह, विलास, शुक्राचार्य कथा, मीन में उच्चत्व, कन्या में नीचत्व, महादशा और सुरक्षित उपाय सहित।
मार्गदर्शिकाराहु: बिना धड़ का शीश - उत्तर नोड गाइड
राहु चान्द्र उत्तर नोड और इच्छा, ग्रहण, विदेशीपन, तकनीक, वृषभ उच्च, वृश्चिक नीच, महादशा, योग और दुर्गा-गणेश-चन्दन उपायों व मन्त्र का छाया-ग्रह है।
मार्गदर्शिकाकेतु: दक्षिण नोड और मोक्ष कारक
केतु का दक्षिण चान्द्र नोड, समुद्र-मन्थन, मोक्ष कारकत्व, राशि-भाव फल, 7-वर्षीय महादशा और गणेश-शिव उपायों सहित वरिष्ठ ज्योतिषीय मार्गदर्शन व फलित संकेत।
मार्गदर्शिकालाल किताब: लाल पुस्तक का सम्पूर्ण मार्गदर्शक
लाल किताब का स्पष्ट मार्गदर्शक: 1939-1952 की उत्पत्ति, पक्का घर, ग्रह-अवस्थाएँ, विरासत के ऋण, व्यावहारिक उपाय और उनके विवेकपूर्ण उपयोग की समझ।
मार्गदर्शिकावास्तु शास्त्र: आधुनिक घरों के लिए संपूर्ण मार्गदर्शिका
वास्तु शास्त्र की व्यावहारिक मार्गदर्शिका: पंच महाभूत, आठ दिशाएँ, वास्तु पुरुष मण्डल और आधुनिक घर में इन्हें भय के बिना विवेक से अपनाने का सहज तरीका।
मार्गदर्शिकाग्रहों की दृष्टि (Drishti): पूर्ण मार्गदर्शिका
वैदिक ज्योतिष में ग्रह-दृष्टि कैसे काम करती है - सातवीं दृष्टि का आधार, मंगल-बृहस्पति-शनि की विशेष दृष्टियाँ, नोड मतभेद और कुंडली-संश्लेषण सहित।
लेखबृहस्पति (गुरु): वैदिक ज्योतिष का महान शुभ ग्रह
वैदिक ज्योतिष में बृहस्पति (गुरु) की विस्तृत मार्गदर्शिका: भाव, राशि, गोचर, योग, उच्च-नीच, गुरु-वापसी, उपाय और कुण्डली-पठन को सहज ढंग से समझें।
मुख्य शब्द
इन संसाधनों में बार-बार आने वाले शब्द।
स्तोत्र
किसी देवता की प्रशंसा में संस्कृत स्तुति, जो आमतौर पर चालीसा से अधिक साहित्यिक और छंदबद्ध होती है।
शब्द कोशमन्त्र
एक पवित्र ध्वनि, अक्षर, शब्द या श्लोक जो आत्मिक परिवर्तन और सुरक्षा के लिए जप किया जाता है।
शब्द कोशचालीसा
चालीस छंदों की भक्ति स्तुति, जो किसी देवता के गुणों की प्रशंसा करती है।
शब्द कोशयन्त्र
एक पवित्र ज्यामितीय आकृति जिसका उपयोग ध्यान के केंद्र या ज्योतिषीय उपाय के रूप में किया जाता है।
शब्द कोशतन्त्र
गूढ़ साधनाओं और ग्रंथों का एक व्यवस्थित निकाय — अनुष्ठान, मन्त्र, यन्त्र और ध्यान द्वारा दिव्यता का साक्षात्कार।
पवित्र पाठ और अभ्यास
इस उद्देश्य से जुड़े भक्ति संसाधन।
मधुराष्टकम्
मधुराष्टकम् वल्लभाचार्य (1479–1531) द्वारा रचित एक श्रेष्ठ संस्कृत काव्य है। शुद्धाद्वैत दर्शन के प्रवर्तक और पुष्टिमार्ग के संस्थापक वल्लभा
पवित्र पाठहनुमान बाहुक
हनुमान बाहुक गोस्वामी तुलसीदास (लगभग १५३२–१६२३ ई.) की ४४ पदों की एक भावपूर्ण हिन्दी/अवधी रचना है, जो रामचरितमानस के रचयिता की सर्वाधिक आत्मी
पवित्र पाठविष्णु सहस्रनाम
विष्णु सहस्रनाम महाभारत के अनुशासन पर्व (अध्याय १४९) में संकलित एक अत्यंत पवित्र स्तोत्र है। इसे मरणशय्या पर पड़े भीष्म पितामह ने युधिष्ठिर
पवित्र पाठलिङ्गाष्टकम्
लिंगाष्टकम् भगवान शिव के पवित्र लिंग-स्वरूप को समर्पित आठ श्लोकों का एक श्रेष्ठ स्तोत्र है। प्रत्येक श्लोक में संस्कृत के समासबद्ध पदों की श
पवित्र पाठनवग्रह स्तोत्रम्
नवग्रह स्तोत्रम् वैदिक ज्योतिष परम्परा की सर्वाधिक व्यापक रूप से पठित प्रार्थनाओं में से एक है। इसमें नौ श्लोक हैं — प्रत्येक श्लोक एक-एक ग्
पवित्र पाठसरस्वती वन्दना
सरस्वती वन्दना देवी सरस्वती — वाक्, ज्ञान, कला, संगीत, बुद्धि और विद्या की वैदिक देवी — को अर्पित सर्वाधिक प्रचलित प्रार्थना है। सरस्वती त्र