मूल्य निर्धारण हमारे बारे में संपर्क
EN हिन्दी नेपाली
साइन इन मुफ्त शुरू करें

नक्षत्र एवं चंद्र ज्योतिष

The 27 lunar mansions - their meanings, deities, padas, and role in personality, compatibility, and timing.

34 लेख
संग्रह

सभी लेख

  1. अपना जन्म नक्षत्र खोजें: आपका चन्द्र नक्षत्र आपके बारे में क्या प्रकट करता है

    जन्म तिथि, सटीक समय और स्थान से अपना जन्म नक्षत्र खोजें। जानें कि चन्द्र नक्षत्र स्वभाव, प्रतिभा, सम्बन्ध, दैनिक व्यवहार और जीवन-समय को कैसे दिखाता है।

    9 मिनट
  2. विवाह हेतु नक्षत्र अनुकूलता चार्ट

    विवाह के लिए नक्षत्र अनुकूलता जाँचें। अष्टकूट मिलान की 8-कूट प्रणाली, 36 गुण, नाड़ी दोष, भकूट और सम्पूर्ण कुंडली संदर्भ समझें। निर्णय में उनका स्थान जानें।

    11 मिनट
  3. नक्षत्र पाद विस्तार से: राशिचक्र के 108 चरण

    वैदिक ज्योतिष में 108 नक्षत्र पाद, उनके तत्व, पुरुषार्थ, नवांश संबंध, समय-संवेदनशीलता और सटीक कुंडली-पठन में उनकी भूमिका सरल उदाहरणों सहित समझें।

    9 मिनट
  4. वैदिक ज्योतिष में चंद्र राशि

    अपनी वैदिक चंद्र राशि जानें, यह मन, भावना और दैनिक प्रतिक्रिया को कैसे दिखाती है, ज्योतिष इसे पहले क्यों पढ़ता है और नक्षत्र इसे कैसे सूक्ष्म बनाता है।

    11 मिनट
  5. नक्षत्र स्वामी: ग्रह शासक आपके भाग्य को कैसे आकार देते हैं

    जानें कौन सा ग्रह किस नक्षत्र का स्वामी है और नक्षत्र स्वामी दशा-समय, भावनात्मक गठन तथा गहन कुंडली-पठन को जीवन-व्याख्या में कैसे दिशा देते हैं।

    8 मिनट
  6. गंडांत नक्षत्र: जल और अग्नि राशियों के बीच कर्म गाँठें

    वैदिक ज्योतिष में गंडांत समझें: तीन जल-अग्नि संधि, छह पाद, जन्म प्रभाव, उपाय, और कुंडली में इनके सूक्ष्म फल व्यवहार में संतुलित ढंग से कैसे पढ़ें।

    7 मिनट
  7. अश्विनी नक्षत्र: अर्थ, कथा और उपाय

    अश्विनी नक्षत्र 0°00′-13°20′ मेष में है। केतु, अश्विनी कुमार, चार पाद, स्वभाव, अनुकूलता, करियर संकेत और शास्त्रीय उपाय कुंडली-संदर्भ सहित समझें।

    13 मिनट
  8. भरणी नक्षत्र: अर्थ, पाद, व्यक्तित्व और उपाय

    भरणी नक्षत्र (13°20′-26°40′ मेष): यम देवता, शुक्र शासक, योनि प्रतीक, चार पाद, व्यक्तित्व, अनुकूलता, उपाय और कर्म-रूपान्तरण का शास्त्रीय अर्थ।

    13 मिनट
  9. कृत्तिका नक्षत्र: अर्थ, पौराणिक कथा, व्यक्तित्व और उपायों की सम्पूर्ण मार्गदर्शिका

    कृत्तिका नक्षत्र 26°40′ मेष से 10°00′ वृषभ तक है। इस पूर्ण मार्गदर्शिका में अग्नि, सूर्य-स्वामित्व, चार पाद, स्वभाव, अनुकूलता, उपाय और कुण्डली अर्थ समझें।

    13 मिनट
  10. रोहिणी नक्षत्र: अर्थ, पौराणिक कथा, व्यक्तित्व और उपायों की सम्पूर्ण मार्गदर्शिका

    रोहिणी नक्षत्र मार्गदर्शिका: 10°00′-23°20′ वृषभ, चन्द्र-शासित, प्रजापति देवता, शकट-वट प्रतीक, पाद, गुण, व्यक्तित्व, अनुकूलता, उपाय और आध्यात्मिक अर्थ।

    13 मिनट
  11. मृगशिरा नक्षत्र: अर्थ, पाद, पौराणिक कथा और उपाय

    मृगशिरा नक्षत्र (23°20′ वृषभ-6°40′ मिथुन) का अर्थ, सोम-कथा, मंगल स्वामित्व, चार पाद, खोजी स्वभाव, अनुकूलता और शास्त्रीय उपाय विस्तार से समझें।

    13 मिनट
  12. आर्द्रा नक्षत्र: अर्थ, पौराणिक कथा, पाद और उपाय

    आर्द्रा नक्षत्र, 6°40′ से 20°00′ मिथुन: रुद्र, राहु, अश्रु-बिन्दु, चार पाद, व्यक्तित्व, सम्बन्ध, अनुकूलता, उपाय और कुण्डली-अर्थ, शास्त्रीय स्रोत-संदर्भ सहित।

    13 मिनट
  13. पुनर्वसु नक्षत्र: अर्थ, पौराणिक कथा, व्यक्तित्व और उपाय की सम्पूर्ण मार्गदर्शिका

    पुनर्वसु नक्षत्र: 20°00′ मिथुन से 3°20′ कर्क तक, देवता अदिति, गुरु स्वामी, चार पाद, व्यक्तित्व, अनुकूलता और शास्त्रीय उपाय वरिष्ठ ज्योतिषीय दृष्टि से।

    13 मिनट
  14. पुष्य नक्षत्र: अर्थ, पौराणिक कथा, व्यक्तित्व और उपायों की सम्पूर्ण मार्गदर्शिका

    पुष्य नक्षत्र (3°20′-16°40′ कर्क): बृहस्पति देवता, शनि स्वामी, प्रतीक, पाद, व्यक्तित्व, अनुकूलता, उपाय और धर्म-पथ की शास्त्रीय व्याख्या समझें।

    13 मिनट
  15. अश्लेषा नक्षत्र: अर्थ, पौराणिक कथा, व्यक्तित्व और उपायों की सम्पूर्ण मार्गदर्शिका

    अश्लेषा नक्षत्र 16°40′ से 30°00′ कर्क तक है। नाग देवता, बुध स्वामी, चार पाद, व्यक्तित्व, अनुकूलता, कुंडली-संदर्भ, सावधानियाँ और उपाय भी जानें।

    13 मिनट
  16. मघा नक्षत्र: अर्थ, पौराणिक कथा, व्यक्तित्व और उपायों की सम्पूर्ण मार्गदर्शिका

    मघा नक्षत्र (0°00′-13°20′ सिंह): पितृ देवता, केतु शासन, रेगुलस, चार पाद, स्वभाव, अनुकूलता, वंश-धर्म, कुण्डली संकेत और संतुलित पितृ उपायों का मार्गदर्शन।

    13 मिनट
  17. पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र: अर्थ, पौराणिक कथा, व्यक्तित्व और उपाय की सम्पूर्ण मार्गदर्शिका

    पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र (13°20′-26°40′ सिंह): भग, शुक्र, चार पाद, स्वभाव, अनुकूलता, विवाह-संकेत, उपाय और सजग आनन्द का शास्त्रीय अर्थ विस्तार से जानें।

    13 मिनट
  18. उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र: अर्थ, पौराणिक कथा, व्यक्तित्व और उपायों की सम्पूर्ण मार्गदर्शिका

    उत्तर फाल्गुनी 26°40′ सिंह से 10° कन्या तक है। पूर्ण मार्गदर्शिका में अर्यमन की ऋग्वैदिक कथा, सूर्य स्वामित्व, पाद, स्वभाव, विवाह-अनुकूलता और उपाय जानें।

    13 मिनट
  19. हस्त नक्षत्र: अर्थ, पौराणिक कथा, व्यक्तित्व और उपाय की सम्पूर्ण मार्गदर्शिका

    हस्त नक्षत्र (10°00′-23°20′ कन्या): सवितृ देवता, चन्द्र स्वामित्व, हाथ-मुट्ठी प्रतीक, चार पाद, स्वभाव, अनुकूलता, उपाय और पूर्ण शिल्प-उपचार संकेत।

    13 मिनट
  20. चित्रा नक्षत्र: अर्थ, पौराणिक कथा, व्यक्तित्व और उपाय की सम्पूर्ण मार्गदर्शिका

    चित्रा नक्षत्र 23°20′ कन्या से 6°40′ तुला तक है। मंगल स्वामित्व, विश्वकर्मा-त्वष्टृ कथा, चार पाद, व्यक्तित्व, अनुकूलता और उपाय सरल भाषा में जानें।

    13 मिनट
  21. स्वाती नक्षत्र: अर्थ, पौराणिक कथा, व्यक्तित्व और उपायों की सम्पूर्ण मार्गदर्शिका

    स्वाती नक्षत्र मार्गदर्शिका: वायु देवता, राहु स्वामित्व, 6°40′-20°00′ तुला विस्तार, चार पाद, व्यक्तित्व, अनुकूलता, उपाय, कुंडली-अर्थ और जन्म-चन्द्र संकेत।

    13 मिनट
  22. विशाखा नक्षत्र: अर्थ, पौराणिक कथा, पाद और उपाय

    विशाखा नक्षत्र 20° तुला से 3°20′ वृश्चिक तक फैला है। इन्द्र-अग्नि कथा, बृहस्पति स्वामित्व, पाद, स्वभाव, करियर, सम्बन्ध, अनुकूलता और उपाय जानें।

    13 मिनट
  23. अनुराधा नक्षत्र: सम्पूर्ण मार्गदर्शिका

    वृश्चिक राशि में अनुराधा नक्षत्र का अर्थ, मित्र देवता, शनि शासन, कमल प्रतीक, सही चार पाद, अनुकूलता, उपाय और आध्यात्मिक शिक्षा विस्तार से जानें।

    13 मिनट
  24. ज्येष्ठा नक्षत्र: अर्थ, पौराणिक कथा, व्यक्तित्व और उपायों की सम्पूर्ण मार्गदर्शिका

    ज्येष्ठा नक्षत्र (16°40′-30°00′ वृश्चिक): इन्द्र, बुध, छत्र-कुण्डल प्रतीक, चार पाद, व्यक्तित्व, अनुकूलता और शास्त्रीय उपायों का संदर्भ जानें।

    13 मिनट
  25. मूल नक्षत्र: अर्थ, पौराणिक कथा, व्यक्तित्व और उपायों की सम्पूर्ण मार्गदर्शिका

    मूल नक्षत्र 0°00′-13°20′ धनु में केतु-शासित निर्ऋति का नक्षत्र है: जड़, अङ्कुश, चार पाद, स्वभाव, अनुकूलता, उपाय और कुंडली-पाठ शास्त्रीय दृष्टि से समझें।

    13 मिनट
  26. पूर्व आषाढ नक्षत्र: अर्थ, पौराणिक कथा, व्यक्तित्व और उपायों की सम्पूर्ण मार्गदर्शिका

    पूर्व आषाढ नक्षत्र 13°20′-26°40′ धनु राशि में स्थित है: अपस् देवता, शुक्र स्वामी, व्यजन और शूर्प प्रतीक। चार पाद, व्यक्तित्व, अनुकूलता और उपाय।

    13 मिनट
  27. उत्तर आषाढ नक्षत्र: अर्थ, पौराणिक कथा, व्यक्तित्व और उपायों की सम्पूर्ण मार्गदर्शिका

    उत्तर आषाढ 26°40′ धनु से 10°00′ मकर तक: विश्वेदेव, सूर्य स्वामित्व, अभिजित अंश, पाद, स्वभाव, करियर, अनुकूलता और शास्त्रीय उपाय की पूरी मार्गदर्शिका।

    13 मिनट
  28. श्रवण नक्षत्र: अर्थ, पौराणिक कथा, व्यक्तित्व और उपायों की सम्पूर्ण मार्गदर्शिका

    श्रवण नक्षत्र मार्गदर्शिका: 10°00′-23°20′ मकर, विष्णु देवता, चन्द्र स्वामी, कान और तीन पग प्रतीक, पाद, व्यक्तित्व, गुण, अनुकूलता, अर्थ और उपाय।

    13 मिनट
  29. धनिष्ठा नक्षत्र: अर्थ, पौराणिक कथा, व्यक्तित्व और उपाय की सम्पूर्ण मार्गदर्शिका

    धनिष्ठा नक्षत्र गाइड: 23°20′ मकर-6°40′ कुम्भ, अष्ट वसु देवता, मंगल स्वामित्व, मृदंग-वेणु प्रतीक, पाद, व्यक्तित्व, करियर, विवाह, अनुकूलता और उपाय।

    13 मिनट
  30. शतभिषा नक्षत्र: अर्थ, पौराणिक कथा, व्यक्तित्व और उपाय की सम्पूर्ण गाइड

    शतभिषा नक्षत्र: 6°40′-20°00′ कुम्भ राशि, देवता वरुण, राहु शासित, शून्य वृत्त प्रतीक, सौ वैद्य, चार पाद, व्यक्तित्व, अनुकूलता और शास्त्रीय उपाय।

    13 मिनट
  31. पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र: अर्थ, पौराणिक कथा, व्यक्तित्व और उपाय - संपूर्ण मार्गदर्शिका

    पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र पूर्ण गाइड: कुम्भ 20°00′-मीन 3°20′, अज एकपाद, बृहस्पति स्वामित्व, प्रतीक, चार पाद, व्यक्तित्व, अनुकूलता, मुहूर्त और उपाय।

    13 मिनट
  32. उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र: अर्थ, पौराणिक कथा, व्यक्तित्व और उपाय, संपूर्ण मार्गदर्शिका

    उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र गाइड: मीन के 3°20′-16°40′, अहिर्बुध्न्य देवता, शनि स्वामी, चार पाद, व्यक्तित्व, अनुकूलता, नामकरण, कुंडली संकेत और शास्त्रीय उपाय।

    13 मिनट
  33. रेवती नक्षत्र: अर्थ, पौराणिक कथा, व्यक्तित्व और उपाय, संपूर्ण मार्गदर्शिका

    रेवती नक्षत्र गाइड: मीन 16°40′-30°00′, पूषन् देवता, बुध स्वामित्व, मछली-मृदंग प्रतीक, चार पाद, स्वभाव, अनुकूलता, नामकरण, फल और शास्त्रीय उपाय।

    13 मिनट
और अन्वेषण करें

अन्य विषय देखें

ज्ञान को अपनी कुंडली पर लागू करें