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साहस

चालीसा
दुर्गा चालीसा
Durgā Cālīsā

दुर्गा चालीसा माँ दुर्गा की भक्ति में रचित चालीस चौपाइयों की अमृत-वाणी है। यह महाशक्ति के अनन्त स्वरूप — महाकाली, महालक्…

स्तोत्र
महिषासुरमर्दिनी स्तोत्रम्
Mahiṣāsuramardanī Stotram

महिषासुरमर्दिनी स्तोत्रम् — जिसे इसके आरंभिक शब्दों से 'अयि गिरिनन्दिनि' भी कहते हैं — शाक्त परंपरा का एक सर्वाधिक प्रिय…

आरती
जय अम्बे गौरी
Jaya Ambe Gaurī

दुर्गा आरती — 'जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी' से प्रारम्भ होने वाली — देवी दुर्गा की सर्वाधिक प्रिय आरती है। नवरात्…

स्तोत्र
हनुमान बाहुक
Hanumān Bāhuk

हनुमान बाहुक गोस्वामी तुलसीदास (लगभग १५३२–१६२३ ई.) की ४४ पदों की एक भावपूर्ण हिन्दी/अवधी रचना है, जो रामचरितमानस के रचयि…

चालीसा
हनुमान चालीसा
Hanumān Cālīsā

हनुमान चालीसा संत-कवि गोस्वामी तुलसीदास (लगभग 1532–1623 ई.) द्वारा अवधी भाषा में रचित चालीस पदों की भक्तिमय रचना है। यह …

स्तोत्र
शिव ताण्डव स्तोत्रम्
Śiva Tāṇḍava Stotram

शिव ताण्डव स्तोत्रम् एक महान संस्कृत स्तोत्र है, जिसकी रचना लंकापति रावण ने की थी — जो एक महान विद्वान और शिव के परम भक्…