ज्योतिष एवं आयुर्वेद
The Vedic sister-sciences. Explore how planets map to doshas (vata, pitta, kapha), how the Moon governs the mind, and the classical connections between Jyotish and Ayurvedic health.
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ज्योतिष और आयुर्वेद: वैदिक सहोदर-विज्ञान
ज्योतिष और आयुर्वेद के साझा वैदिक आधार, अलग व्याख्यात्मक दृष्टियों और जन्म-कुंडली के प्रतीकों से प्रकृति समझने की परंपरा का संतुलित परिचय पढ़ें।
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ज्योतिष में चंद्र, मन और भावनात्मक स्वास्थ्य
चंद्र मानस के कारक के रूप में: जन्म-कुंडली में चंद्रमा की भाव-स्थिति, राशि, नक्षत्र और पीड़ा मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के प्रतिरूपों को कैसे दिखाती है।
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मंगल, पित्त और अग्नि तत्त्व: ज्योतिष के माध्यम से आयुर्वेद
ज्योतिष में मंगल को पित्त से क्यों जोड़ा जाता है: सूजन का प्रतीकवाद, ऊर्जा, क्रोध के प्रतिरूप और अग्निमय प्रकृति के लिए पारंपरिक आयुर्वेदिक मार्गदर्शन।
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शनि, वात और शुष्कता, विलंब तथा अनुशासन की ऊर्जा
शनि वात दोष का कारक क्यों है: वृद्धावस्था, शुष्कता, दीर्घकालिकता और कठिन शनि के लिए आयुर्वेदिक उपाय। जानें शनि, तंत्रिका-तंत्र और स्थिर अभ्यास कैसे जुड़े हैं।
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शुक्र, कफ और शरीर का पोषण-तत्त्व
शुक्र, कफ, शुक्र-धातु और दशा का पारंपरिक, गैर-नैदानिक विवेचन, साथ में आयुर्वेदिक आहार, व्यायाम, जड़ी-बूटियों और चिकित्सकीय सीमाओं पर मार्गदर्शन।
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वैदिक ज्योतिष में पाँच तत्व (पञ्च महाभूत)
पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश - पाँच तत्वों का राशियों, ग्रहों, नक्षत्रों और दोषों से सम्बन्ध। कुंडली में तत्त्व-संतुलन पढ़ने का शास्त्रीय आधार।
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राशियाँ और शरीर के अंग: कालपुरुष का शास्त्रीय मानचित्र
कालपुरुष का सिद्धांत - मेष राशि से सिर और मीन राशि से पैरों तक, शास्त्रीय चिकित्सा ज्योतिष में उपयोग होने वाला 12 राशियों का संपूर्ण शरीर-मानचित्र।
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चिकित्सा ज्योतिष: नैतिकता और स्वास्थ्य अस्वीकरण
चिकित्सा ज्योतिष का जिम्मेदारी से उपयोग करें: पारंपरिक प्रतीक निदान या पूर्वानुमान नहीं हैं, और हर स्वास्थ्य निर्णय योग्य चिकित्सकीय सलाह पर टिकना चाहिए।