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पुराण एवं देवता

The Hindu mythological stories that ground Vedic astrology - planets as living archetypes, epics of gods and asuras, and the spiritual meaning behind every graha.

15 लेख
संग्रह

सभी लेख

  1. समुद्र मंथन: सागर का मंथन और राहु-केतु का जन्म

    समुद्र मंथन से राहु-केतु की उत्पत्ति तक, यह लेख पुराण, ग्रहण खगोलिकी और राहु-केतु संकेतों की ज्योतिषीय व्याख्या क्रमबद्ध तरीके से स्पष्ट करता है।

    13 मिनट
  2. शनि और सूर्य: सूर्य-शनि पिता-पुत्र कथा

    यह लेख पौराणिक कथा से कुंडली-व्याख्या तक की यात्रा करता है: शनि और सूर्य के विरोध का कारण, और सूर्य-शनि अक्ष का जन्म-कुण्डली तथा गोचर में संकेत कैसे दिखता है।

    13 मिनट
  3. चंद्रमा, तारा और बुध: सूर्य-चंद्र के बीच बुध क्यों

    चंद्रमा-तारा-बुध की पुराण कथा, बुध का विवादित जन्म, सूर्य से मित्रता, चंद्रमा के प्रति एकतरफा शत्रुता और ग्रह-संगति के अनुसार फल का संतुलित विवेचन।

    13 मिनट
  4. शुक्राचार्य: असुरों के गुरु और शुक्र का ज्योतिषीय अर्थ

    महाभारत और पुराण-परंपरा में असुरों के स्थापित गुरु शुक्राचार्य की कथा पढ़ें, और जानें कि संजीवनी, बलि तथा वामन के प्रसंग ज्योतिष में शुक्र को कैसे समझाते हैं।

    13 मिनट
  5. बृहस्पति: देवगुरु और ज्योतिष में गुरु ग्रह का अर्थ

    बृहस्पति (गुरु) देवताओं के गुरु के रूप में, उनकी पौराणिक कथा, ज्योतिष में धर्म और ज्ञान का अर्थ, और गुरु को सबसे बड़ा शुभ ग्रह क्यों कहा जाता है।

    13 मिनट
  6. हनुमान और शनि: शनि राहत की कथा

    हनुमान-शनि की भेंट, शनिवार उपासना, साढ़े साती और शनि उपायों को भय के बजाय भक्ति, सेवा, अनुशासन, कर्म-जिम्मेदारी और व्यावहारिक सुधार से समझने वाली कथा।

    13 मिनट
  7. शिव और केतु: वैराग्य, मौन और मोक्ष का ज्योतिष

    शिव को केतु से क्यों पढ़ा जाता है: वैराग्य, भस्म, श्मशान-विवेक, मंत्र, मौन और कठिन केतु को स्थिर करने वाली उपासना, व्यावहारिक कुंडली-पठन के साथ।

    13 मिनट
  8. विष्णु: वैदिक ज्योतिष में धर्म और ब्रह्मांडीय व्यवस्था के देवता

    विष्णु को धर्म के पालनकर्ता, दशावतार को समयानुसार धर्म के रूप और विष्णु-उपासना को व्यवस्था, स्थिर लय और कृपा लौटाने वाले उपाय के रूप में समझें।

    13 मिनट
  9. लक्ष्मी और शुक्र: ज्योतिष में समृद्धि का पवित्र अर्थ

    ज्योतिष में शुक्र के साथ लक्ष्मी का पठन: पवित्र समृद्धि, अष्टलक्ष्मी, कुंडली संकेत, संबंध, धन-नीति और धर्ममय धन-सौंदर्य के सरल व्यावहारिक उपाय।

    13 मिनट
  10. सरस्वती और बुध: वाक्, वाणी और पवित्र विद्या की शक्ति

    ज्योतिष में बुध के पवित्र सहारे के रूप में सरस्वती को समझें: वाक्, सत्य वाणी, विद्या, मंत्र, शिक्षा कर्म और दैनिक जीवन के व्यावहारिक बुध उपाय।

    13 मिनट
  11. हनुमान और मंगल: निडर भक्ति का ज्योतिष

    भक्ति से शुद्ध मंगल के रूप में हनुमान: साहस, अनुशासन, रक्षा, मंगल दोष उपाय, शनि दबाव, संबंध अग्नि और भय या भाग्यवाद बिना आचरण-केंद्रित कुंडली-पठन।

    13 मिनट
  12. दुर्गा और राहु: भ्रम तथा नकारात्मक शक्तियों से रक्षा

    कुछ ज्योतिष परंपराएँ पीड़ित राहु के लिए दुर्गा उपासना को महिषासुर, नवदुर्गा, नवरात्रि, अनुशासित विवेक और सदाचार से कैसे जोड़ती हैं, और इसकी सीमाएँ समझें।

    13 मिनट
  13. कार्तिकेय और मंगल: दिव्य योद्धा और मंगल का ज्योतिष

    वैदिक ज्योतिष में मंगल के अधिष्ठाता देवता कार्तिकेय (मुरुगन), उनकी पौराणिक कथा, तमिल एवं नेपाली परंपराएँ, और मंगल की तीव्र अनुशासित ऊर्जा का गहरा अर्थ।

    13 मिनट
  14. गणेश और केतु: अहंकार की बाधाओं को हटाने वाली बुद्धि

    कठिन केतु के लिए मूलभूत उपाय के रूप में गणेश-उपासना, गजमुख का रहस्य, छिन्न-मस्तक की प्रज्ञा, और आरंभ के देवता कैसे राह को निर्मल कर मन को स्थिर करते हैं।

    13 मिनट
  15. सूर्य नारायण: वैदिक ज्योतिष के दृश्य देव

    वैदिक ब्रह्मांड में सूर्य दृश्य देव के रूप में, गायत्री मंत्र, आदित्य हृदयम्, और दुर्बल सूर्य के लिए दैनिक सूर्य नमस्कार को मूलभूत उपाय के रूप में समझें।

    13 मिनट
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