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भाव एवं ज्योतिषीय भवन

The 12 houses of the birth chart - life domains, house lords, kendra, trikona, and dusthana classifications.

16 लेख
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  1. वैदिक ज्योतिष में द्वितीय भाव: परिवार, धन, वाणी और संचित कर्म

    धन भाव का मार्गदर्शन: कुटुम्ब, संचय, वाणी, भोजन, प्रारंभिक शिक्षा, दाहिनी आँख, द्वितीयेश स्थिति, धन योग, ग्रह-फल, परिवार-कर्म, पीड़ाएँ और उपाय।

    13 मिनट
  2. वैदिक ज्योतिष में तृतीय भाव: साहस, भाई-बहन और स्वनिर्मित पथ

    वैदिक कुंडली में तृतीय भाव से साहस, अनुज भाई-बहन, संचार, लघु यात्रा, स्वप्रयास, ग्रह-फल, तृतीयेश, दशा संकेत, उपाय और करियर-संबंधी संचार क्षमता जानें।

    13 मिनट
  3. वैदिक ज्योतिष में चतुर्थ भाव: माता, घर और भावनात्मक जड़ें

    सुख भाव का शास्त्रीय मार्गदर्शन: माता, घर, सम्पत्ति, वाहन, भावनात्मक जड़ें, चतुर्थ भाव में ग्रह, चतुर्थेश के भावफल, पीड़ा, उपाय और शान्ति-साधना।

    13 मिनट
  4. वैदिक ज्योतिष में पञ्चम भाव: सृजनशीलता, संतान और पूर्व पुण्य

    पुत्र भाव और पूर्व पुण्य स्थान: संतान, सृजनशीलता, मंत्र, सट्टा, संचित कर्म-फल, ग्रह-स्थिति, पञ्चमेश, समय, उपाय और फल-विचार का स्पष्ट विवेचन।

    13 मिनट
  5. वैदिक ज्योतिष में षष्ठ भाव: ऋण, रोग, शत्रु और छुपी हुई शक्तियाँ

    रिपु भाव समझें: ऋण, रोग, सेवा, शत्रु और दैनिक कार्य। जानें कि षष्ठ भाव दुःस्थान होकर भी अनुशासन से शक्ति कैसे देता है और पाप ग्रहों को कैसे पढ़ें।

    13 मिनट
  6. अष्टम भाव: आयु, रहस्य और रूपान्तरण

    आयुर्भाव और रन्ध्र भाव: अष्टम भाव आयु, मृत्यु, विरासत, गुप्त ज्ञान, संकट और गहरे रूपान्तरण का भाव है। यहाँ शास्त्रीय फलित, योग और उपाय जानें।

    13 मिनट
  7. वैदिक ज्योतिष में नवम भाव: धर्म, भाग्य, पिता और दैवीय कृपा

    भाग्य भाव और धर्म भाव से नवम भाव में भाग्य, पिता, उच्च शिक्षा, गुरु, तीर्थयात्रा, धर्म, नीति और दैवीय कृपा का गहन विचार करें। परामर्श पत्रिका।

    13 मिनट
  8. वैदिक ज्योतिष में एकादश भाव: लाभ, आकांक्षाएँ और सफलता का नेटवर्क

    लाभ भाव एकादश भाव है: लाभ, आय, ज्येष्ठ भाई-बहन, मित्रता और पूर्ण इच्छाएँ। जानें ग्रह यहाँ क्यों फलते हैं, धन योग कैसे पढ़ें और दशा से फल कब खुलते हैं।

    13 मिनट
  9. द्वादश भाव: मोक्ष, व्यय, विदेश और समर्पण

    व्यय भाव, द्वादश भाव का व्यय, मोक्ष, विदेश, एकान्त, निद्रा, दान और आध्यात्मिक समर्पण। जन्मकुंडली के अंतिम भाव को यहाँ शास्त्रीय ढंग से समझें।

    13 मिनट
  10. प्रथम भाव (लग्न): व्यक्तित्व, स्वास्थ्य, जीवन-दिशा

    वैदिक ज्योतिष में प्रथम भाव (लग्न भाव) के बारे में जानें। समझें कि आपका लग्न आपके व्यक्तित्व, रूप, स्वास्थ्य और जीवन-पथ को कैसे आकार देता है।

    8 मिनट
  11. सप्तम भाव (कलत्र भाव): विवाह, साझेदारी और संबंध

    वैदिक ज्योतिष में सप्तम भाव का अर्थ, विवाह, जीवनसाथी, साझेदारी और सार्वजनिक संबंध समझें। जानें कि यहाँ बैठे ग्रह संबंधों को कैसे आकार देते हैं।

    9 मिनट
  12. दशम भाव: वैदिक ज्योतिष में करियर, यश और सार्वजनिक जीवन

    वैदिक ज्योतिष में दशम भाव को समझें: करियर, व्यवसाय, यश और सार्वजनिक प्रतिष्ठा। जानें कि दशम भाव के ग्रह आपके व्यावसायिक मार्ग को कैसे आकार देते हैं।

    9 मिनट
  13. त्रिकोण और केंद्र भाव: कुंडली के सबसे शक्तिशाली भाव

    जानें क्यों केंद्र (1, 4, 7, 10) और त्रिकोण (1, 5, 9) भाव वैदिक ज्योतिष में सबसे शक्तिशाली माने जाते हैं। उनका महत्त्व और राज योग की रचना समझिए।

    8 मिनट
  14. दुस्थान भाव (षष्ठ, अष्टम, द्वादश): चुनौतियाँ और गुप्त शक्तियाँ

    वैदिक ज्योतिष में षष्ठ, अष्टम और द्वादश दुस्थान भावों को समझिए। उनकी चुनौतियाँ, गुप्त शक्तियाँ और इन ऊर्जाओं के साथ काम करने का संतुलित मार्ग।

    8 मिनट
  15. भावेशों की स्थिति: एक सम्पूर्ण मार्गदर्शिका

    वैदिक ज्योतिष में भावेशों की स्थिति की सम्पूर्ण मार्गदर्शिका। जानें कि जब एक भाव का स्वामी दूसरे भाव में बैठता है तो उसका क्या अर्थ होता है।

    11 मिनट
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