मुहूर्त एवं शुभ समय
शुभ तिथियों एवं समय का चयन — पंचांग, तिथि, नक्षत्र और जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए मुहूर्त ज्योतिष।
लेख: मुहूर्त एवं शुभ समय
शुभ तिथियों एवं समय का चयन — पंचांग, तिथि, नक्षत्र और जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए मुहूर्त ज्योतिष।
मुहूर्त मार्गदर्शिका: शुभ तिथि और समय चयन
मुहूर्त सीखें: शुभ समय का वैदिक विज्ञान। यह मार्गदर्शिका पंचांग, नक्षत्र, तिथि और प्रमुख जीवन-कार्यक्रमों के लिए उचित मुहूर्त चुनना बताती है।
मुहूर्त एवं शुभ समयविवाह मुहूर्त: सर्वोत्तम विवाह तिथि कैसे चुनें
पंचांग, नक्षत्र, तिथि, लग्न और दोनों कुंडलियों से विवाह मुहूर्त चुनें। शुभ तिथियाँ, वर्जित काल और व्यावहारिक संतुलन समझें।
मुहूर्त एवं शुभ समयगृह प्रवेश मुहूर्त: नए घर के लिए शुभ तिथियाँ
पंचांग के आधार पर गृह प्रवेश मुहूर्त चुनें: अनुकूल नक्षत्र, तिथि, मास, वर्जित काल, प्रवेश संस्कार का सही समय और गृह स्वामी की कुंडली-संगति सहित।
मुहूर्त एवं शुभ समयपंचांग विस्तार से: वैदिक दैनिक कैलेंडर के 5 तत्त्व
पंचांग को समझें, वैदिक कैलेंडर के 5 प्रमुख तत्त्व। दैनिक योजना और शुभ समय के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, वार, प्रयोग, भिन्नताएँ और कारण सीखें।
मुहूर्त एवं शुभ समयआज का राहु काल: इस अशुभ अवधि से क्यों बचना चाहिए
अपने स्थान का आज का राहु काल देखें, सप्ताह के अष्टांश समझें, और नित्य कार्यों को बाधित किए बिना शुभ आरम्भों के लिए इस परम्परा का विवेकपूर्ण उपयोग करें।
मुहूर्त एवं शुभ समयव्यापार मुहूर्त: कंपनी या नया उद्यम शुरू करने की सर्वोत्तम तिथियाँ
कंपनी पंजीकरण, उत्पाद लॉन्च, अनुबंध, फंडिंग और कार्यालय उद्घाटन के लिए पंचांग, नक्षत्र, वार और संस्थापक-कुंडली से व्यापार मुहूर्त चुनना सीखें।
मुहूर्त एवं शुभ समयवैदिक ज्योतिष में तिथि: चान्द्र दिवस प्रणाली को समझें
तिथि, वैदिक चान्द्र दिवस, 30 तिथियाँ, शुक्ल-कृष्ण पक्ष, देवता, गुण, पर्व, दैनिक अभ्यास और मुहूर्त चयन में तिथि की व्यावहारिक भूमिका विस्तार से समझें।
मुहूर्त एवं शुभ समयएकादशी: ग्यारहवें चंद्र दिवस का आध्यात्मिक अर्थ
एकादशी हर महीने दो बार क्यों मनाई जाती है, इसका ज्योतिषीय समय, उपवास परंपरा का शारीरिक तर्क, और ग्यारहवीं तिथि का भक्तिमय महत्व।
मुहूर्त एवं शुभ समयपूर्णिमा: पूर्ण चंद्रमा और उसका ज्योतिषीय-आध्यात्मिक महत्व
हर पूर्णिमा का एक नाम है — गुरु पूर्णिमा, वट पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा। हिंदू वर्ष में हर प्रमुख पूर्णिमा का ज्योतिषीय और आध्यात्मिक महत्व।
मुहूर्त एवं शुभ समयअमावस्या: नई चाँद और पितृ श्रद्धा का ज्योतिष
अमावस्या पर पितृ अनुष्ठानों की सबसे शक्तिशाली रात क्यों है। नई चाँद का ज्योतिषीय तर्क, अमावस्या के प्रकार और दैनिक अभ्यास।
मुहूर्त एवं शुभ समयअभिजित् मुहूर्त: वैदिक ज्योतिष में दैनिक शुभ वेला
अभिजित् मुहूर्त — स्थानीय मध्याह्न के आसपास लगभग 48 मिनट की दैनिक शुभ वेला। इसे कैसे निकालें, कब यह उपलब्ध नहीं होता, और किन कार्यों के लिए इसका उपयोग करें।
मुहूर्त एवं शुभ समयकरण: पंचांग के अर्ध-तिथि तत्व की संपूर्ण जानकारी
करण — पंचांग का वह पाँचवाँ तत्व जो हर तिथि को दो हिस्सों में बाँटता है। जानिए 11 करणों के प्रकार, विष्टि (भद्रा) से क्यों बचें, और मुहूर्त में करण का महत्व।
मुहूर्त एवं शुभ समयनित्य योग: पंचांग को पूर्ण करने वाले 27 दैनिक योग
27 नित्य योग, विष्कम्भ, प्रीति, आयुष्मान् से वैधृति तक। पंचांग का वह कम-चर्चित अंग जो शास्त्रीय मुहूर्त चयन को दिशा देता है।
मुहूर्त एवं शुभ समयअधिक मास में क्या करें और क्या न करें: मुहूर्त और उपाय
अधिक मास में विवाह, गृह प्रवेश, व्यवसाय आरंभ, दैनिक पूजा, यात्रा, दान, व्रत और आधुनिक परिवारों के लिए संतुलित मार्गदर्शन।
मुहूर्त एवं शुभ समयअधिक मास क्यों आता है? चान्द्र कैलेंडर, सौर वर्ष और लुप्त संक्रान्ति
अधिक मास के पीछे का पंचांग तर्क: चान्द्र मास, सौर वर्ष, संक्रान्ति, खिसकाव सुधार, क्षेत्रीय कैलेंडर और अतिरिक्त मास के आने का कारण विस्तार से समझें।