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परामर्श पत्रिका · योग

योग एवं ग्रह संयोग

भाग्य को आकार देने वाले ग्रह संयोग — राज योग, धन योग, पंच महापुरुष योग, दोष, और अन्य।

नवीनतम

लेख: योग एवं ग्रह संयोजन

भाग्य को आकार देने वाले ग्रह संयोग — राज योग, धन योग, पंच महापुरुष योग, दोष, और अन्य।

योग एवं ग्रह संयोजन सम्पूर्ण मार्गदर्शिका

वैदिक ज्योतिष में योग: ग्रह संयोजन

जानें कि वैदिक ज्योतिष में योग कैसे ग्रह, भाव, राशि और दशा को जोड़कर धन, अधिकार, विद्या, संघर्ष, संबंध और साधना की दिशा को सूक्ष्म ढंग से बनाते हैं।

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बुधादित्य योग: बुद्धि और अधिकार का सूर्य-बुध संयोजन

बुधादित्य योग जब सूर्य और बुध एक साथ बैठते हैं। शास्त्रीय शर्तें, यह क्या देता है, और वे edge cases जहाँ अस्त बाधा डालता है।

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चंद्र-मंगल योग: चंद्र-मंगल का संयोजन और आर्थिक प्रेरणा

चंद्र-मंगल योग, जब भावना कर्म से मिलती है। सहज-वृत्ति से धन का यह शास्त्रीय संयोजन, छाया प्रवृत्तियाँ, और लागू भाव।

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विपरीत राज योग: गिरकर उठने का योग

विपरीत राज योग, जब दुस्थान भावों के स्वामी एक-दूसरे के भाव में बैठते हैं, और कठिनाई से उन्नति प्रकट होती है। संकट को रूपांतरण में बदलने की शास्त्रीय व्याख्या।

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केमद्रुम योग: एकाकी चंद्रमा और उसका शास्त्रीय निरस्तीकरण

केमद्रुम योग, जब चंद्रमा के दोनों ओर के भावों में कोई ग्रह नहीं होता। यह क्यों डर का विषय रहा, कब निरस्त होता है, और चंद्र-एकाकीपन का आधुनिक पठन।

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अधि योग: चंद्रमा से शुभ ग्रहों का अधिकार-संयोजन

अधि योग — चंद्रमा से छठे, सातवें और आठवें भाव में शुभ ग्रहों की स्थिति। शास्त्रीय ज्योतिष का एक कम-चर्चित किंतु शक्तिशाली सामाजिक उन्नति का योग।

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लक्ष्मी योग: शुक्र-आधारित समृद्धि का संयोजन

लक्ष्मी योग — शुक्र और नवम भाव का विशेष संयोजन जो प्रचुरता और कृपा देता है। शास्त्रीय शर्तें, सक्रियता और धन योग से इसका भेद।

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सरस्वती योग: विद्या का बृहस्पति-बुध-शुक्र संयोजन

सरस्वती योग, जब बृहस्पति, बुध और शुक्र मिलकर निश्चित भावों में स्थित होते हैं। विद्वानों और लेखकों के लिए विद्या की देवी का शास्त्रीय योग।

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काल सर्प योग: जब सभी ग्रह राहु और केतु के बीच बैठते हैं

काल सर्प योग की गहन व्याख्या, 12 प्रकार, पूर्ण बनाम अधूरा, और आधुनिक संतुलित पठन जिसने भय-आधारित व्याख्याओं को प्रतिस्थापित किया।

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कुंडली में राज योग: शक्ति, अधिकार और सफलता के संकेत

आपकी कुंडली में राज योग क्या है? जानिए केंद्र और त्रिकोण के स्वामियों का संयोग किस प्रकार वैदिक ज्योतिष में शक्ति, अधिकार और सांसारिक सफलता का निर्माण करता है।

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धन योग: कुंडली में धन देने वाले ग्रह-संयोग

धन योग के धन देने वाले ग्रह-संयोग समझें: कुंडली में कौन-से भाव, भावेश, ग्रह-बल और दशा का समय आर्थिक समृद्धि को सक्रिय करते हैं और फल कब दिखता है।

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पंच महापुरुष योग: पाँच महान व्यक्ति योग

पंच महापुरुष योगों की सम्पूर्ण मार्गदर्शिका - रुचक, भद्र, हंस, मालव्य और शश। निर्माण नियम, प्रभाव, भंग, दशा सक्रियता और वास्तविक उदाहरण समझें।

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मंगल दोष: प्रभाव, उपाय और दोष भंग के नियम

क्या आपकी कुंडली में मंगल दोष है? मांगलिक प्रभाव, विवाह, 12 दोष-भंग नियम और इस दोष के परंपरागत उपायों की सम्पूर्ण मार्गदर्शिका।

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गजकेसरी योग: सफलता के लिए बृहस्पति-चंद्र संयोजन

वैदिक ज्योतिष में गजकेसरी योग की सम्पूर्ण मार्गदर्शिका - निर्माण, भाव-अनुसार फल, बल का आकलन, दशा-गोचर में फलित समय, और वास्तविक बल को समझें।

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नीच भंग राज योग: जब नीच ग्रह सफलता देते हैं

नीच भंग राज योग की व्याख्या: नीच ग्रह की दुर्बलता कब भंग होकर बल, अवसर और उन्नति में बदल सकती है। निर्माण नियम, नवांश और दशा संदर्भ सहित समझें।

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