जैमिनी ज्योतिष
The distinctive system of Maharishi Jaimini - Chara Karakas, Pada Lagnas, special signs, Ashtotari Dasha, and techniques that differ fundamentally from Parashara.
सभी लेख
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जैमिनी चर दशा: राशि आधारित समय-निर्धारण प्रणाली
जैमिनी चर दशा कैसे राशियों से समय बताती है, दिशा और अवधि कैसे निकाली जाती है, चालू राशि को कैसे पढ़ें, और यह विंशोत्तरी की पूरक कैसे बनती है।
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जैमिनी में आरूढ़ लग्न: छवि, माया और धारणा
जैमिनी ज्योतिष में आरूढ़ लग्न की सरल मार्गदर्शिका: सार्वजनिक छवि, माया, गणना नियम, भाव आरूढ़, उपपद और कुंडली पठन का क्रम।
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जैमिनी चर कारक: आठ कारक और उनकी गणना
जैमिनी ज्योतिष के आठ चर कारकों को समझें: ग्रहों को डिग्री से कैसे क्रम दें, राहु की उलटी गिनती क्यों होती है, और पदों को अपनी कुंडली में साथ कैसे पढ़ें।
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जैमिनी पद लग्न: आरूढ़ और प्रकट होने वाली कुंडली
जैमिनी ज्योतिष में आरूढ़ लग्न और बारह पद लग्न समझें: गणना विधि, अपवाद नियम, उपपद, धनपद, राशि कुंडली से लोक-छवि की तुलना और वास्तविक जीवन का अंतर।
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नवांश और चर दशा: जैमिनी की काल-निर्धारण विधियाँ
जैमिनी भविष्यकथन और घटना-समय के लिए नवांश का प्रयोग कैसे करता है, चर दशा की गणना, घटना-समय, और विंशोत्तरी से तुलना।
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जैमिनी विशेष लग्न: होरा, घटी, और श्री लग्न
जैमिनी के विशेष लग्न समझें: धन के लिए होरा लग्न, सत्ता के लिए घटी लग्न, और सौभाग्य के लिए श्री लग्न, और इन्हें कैसे पढ़ा जाए।