देवता एवं ग्रह
कौन सा देवता किस ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है और क्यों, तथा भक्ति-अभ्यास को उपाय के रूप में कैसे प्रयोग करें। शिव-केतु, लक्ष्मी-शुक्र, हनुमान-मंगल का पूरा नक्शा।
लेख: देवता एवं ग्रह
कौन सा देवता किस ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है और क्यों, तथा भक्ति-अभ्यास को उपाय के रूप में कैसे प्रयोग करें। शिव-केतु, लक्ष्मी-शुक्र, हनुमान-मंगल का पूरा नक्शा।
शिव और केतु: वैराग्य, मौन और मोक्ष का ज्योतिष
शिव को केतु से क्यों पढ़ा जाता है: वैराग्य, भस्म, श्मशान-विवेक, मौन और कठिन केतु के लिए उपासना।
देवता एवं ग्रहविष्णु: वैदिक ज्योतिष में धर्म और ब्रह्मांडीय व्यवस्था के देवता
विष्णु को ब्रह्मांडीय धर्म के पालनकर्ता, दशावतार को ज्योतिषीय आदर्श और विष्णु-उपासना को उपाय-मार्ग के रूप में समझें।
देवता एवं ग्रहलक्ष्मी और शुक्र: ज्योतिष में समृद्धि का पवित्र अर्थ
शुक्र की शक्ति के रूप में लक्ष्मी, समृद्धि का पवित्र अर्थ, अष्टलक्ष्मी और ज्योतिष में शुक्र उपाय।
देवता एवं ग्रहसरस्वती और बुध: वाक्, वाणी और पवित्र विद्या की शक्ति
बुध की शक्ति के रूप में सरस्वती, पवित्र वाणी, विद्या, मंत्र और ज्योतिष में बुध उपाय।
देवता एवं ग्रहहनुमान और मंगल: निडर भक्ति का ज्योतिष
मंगल की सिद्ध अभिव्यक्ति के रूप में हनुमान: साहस, भक्ति, अनुशासन, सेवा और मंगल दोष उपाय।
देवता एवं ग्रहदुर्गा और राहु: भ्रम तथा नकारात्मक शक्तियों से रक्षा
पीड़ित राहु के लिए दुर्गा उपासना क्यों कही जाती है: महिषासुर, नवदुर्गा, नवरात्रि, राहु-केतु संकेत और भ्रम में स्पष्टता लौटाने का शास्त्रीय मार्ग।