शान्ति
आध्यात्मिक उद्देश्य के अनुसार संकलित भक्ति पाठों का चयन।
लक्ष्मी आरती — 'ॐ जय लक्ष्मी माता' से प्रारम्भ होने वाली — धन, समृद्धि और शुभता की देवी लक्ष्मी की आराधना का सर्वप्रमुख गीत है। यह शुक्रवार,…
श्री महालक्ष्म्यष्टकम् पद्म पुराण से उद्धृत एक भक्तिपूर्ण स्तोत्र है, जिसकी रचना देवराज इन्द्र ने देवी महालक्ष्मी की स्तुति में की थी। इसमें…
शिव चालीसा भगवान शिव को समर्पित एक चालीस-छंदीय भक्ति-काव्य है, जो मध्यकालीन अवधी हिंदी की चौपाई-दोहा शैली में रचा गया है — वही शैली जो रामचर…
महामृत्युञ्जय मन्त्र सम्पूर्ण वैदिक वाङ्मय के सर्वाधिक शक्तिशाली और जनप्रिय मन्त्रों में से है। इसका मूल स्वरूप ऋग्वेद के सातवें मण्डल (RV 7…
राम चालीसा भारतीय भक्ति परम्परा की एक अत्यन्त प्रिय रचना है, जो प्रभु श्री राम — विष्णु के सप्तम अवतार — की महिमा का गुणगान करती है। चालीस च…
लिंगाष्टकम् भगवान शिव के पवित्र लिंग-स्वरूप को समर्पित आठ श्लोकों का एक श्रेष्ठ स्तोत्र है। प्रत्येक श्लोक में संस्कृत के समासबद्ध पदों की श…
मधुराष्टकम् वल्लभाचार्य (1479–1531) द्वारा रचित एक श्रेष्ठ संस्कृत काव्य है। शुद्धाद्वैत दर्शन के प्रवर्तक और पुष्टिमार्ग के संस्थापक वल्लभा…
नवग्रह स्तोत्रम् वैदिक ज्योतिष परम्परा की सर्वाधिक व्यापक रूप से पठित प्रार्थनाओं में से एक है। इसमें नौ श्लोक हैं — प्रत्येक श्लोक एक-एक ग्…
श्री सूक्तम् लक्ष्मी को समर्पित सबसे प्राचीन वैदिक स्तुतियों में से एक है, जो ऋग्वेद के खिलानि (परिशिष्ट) में संकलित है। इसके पन्द्रह मूल मन…
कृष्ण चालीसा भगवान श्री कृष्ण की स्तुति में रचा गया चालीस चौपाइयों का लोकप्रिय हिन्दी भक्तिकाव्य है। इसमें दो दोहों के मध्य चालीस चौपाइयाँ ह…