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रक्षा

स्तोत्र
महामृत्युञ्जय मन्त्र
Mahāmṛtyuñjaya Mantra

महामृत्युञ्जय मन्त्र सम्पूर्ण वैदिक वाङ्मय के सर्वाधिक शक्तिशाली और जनप्रिय मन्त्रों में से है। इसका मूल स्वरूप ऋग्वेद क…

चालीसा
राम चालीसा
Rāma Cālīsā

राम चालीसा भारतीय भक्ति परम्परा की एक अत्यन्त प्रिय रचना है, जो प्रभु श्री राम — विष्णु के सप्तम अवतार — की महिमा का गुण…

चालीसा
दुर्गा चालीसा
Durgā Cālīsā

दुर्गा चालीसा माँ दुर्गा की भक्ति में रचित चालीस चौपाइयों की अमृत-वाणी है। यह महाशक्ति के अनन्त स्वरूप — महाकाली, महालक्…

स्तोत्र
राम रक्षा स्तोत्रम्
Rāma Rakṣā Stotram

राम रक्षा स्तोत्र वैष्णव परंपरा की एक अत्यंत श्रद्धेय कवच-प्रार्थना है। बुधकौशिक ऋषि को भगवान शिव ने स्वप्न में यह स्तोत…

स्तोत्र
महिषासुरमर्दिनी स्तोत्रम्
Mahiṣāsuramardanī Stotram

महिषासुरमर्दिनी स्तोत्रम् — जिसे इसके आरंभिक शब्दों से 'अयि गिरिनन्दिनि' भी कहते हैं — शाक्त परंपरा का एक सर्वाधिक प्रिय…

स्तोत्र
नवग्रह स्तोत्रम्
Navagraha Stotram

नवग्रह स्तोत्रम् वैदिक ज्योतिष परम्परा की सर्वाधिक व्यापक रूप से पठित प्रार्थनाओं में से एक है। इसमें नौ श्लोक हैं — प्र…

स्तोत्र
आदित्य हृदयम्
Āditya Hṛdayam

आदित्य हृदयम् (अर्थात् 'आदित्य का हृदय') सूर्य देव को समर्पित एक अत्यंत प्राचीन और शक्तिशाली वैदिक स्तोत्र है, जो महर्षि…

आरती
जय अम्बे गौरी
Jaya Ambe Gaurī

दुर्गा आरती — 'जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी' से प्रारम्भ होने वाली — देवी दुर्गा की सर्वाधिक प्रिय आरती है। नवरात्…

स्तोत्र
हनुमान बाहुक
Hanumān Bāhuk

हनुमान बाहुक गोस्वामी तुलसीदास (लगभग १५३२–१६२३ ई.) की ४४ पदों की एक भावपूर्ण हिन्दी/अवधी रचना है, जो रामचरितमानस के रचयि…

चालीसा
हनुमान चालीसा
Hanumān Cālīsā

हनुमान चालीसा संत-कवि गोस्वामी तुलसीदास (लगभग 1532–1623 ई.) द्वारा अवधी भाषा में रचित चालीस पदों की भक्तिमय रचना है। यह …

स्तोत्र
श्री महालक्ष्म्यष्टकम्
Śrī Mahālakṣmyaṣṭakam

श्री महालक्ष्म्यष्टकम् पद्म पुराण से उद्धृत एक भक्तिपूर्ण स्तोत्र है, जिसकी रचना देवराज इन्द्र ने देवी महालक्ष्मी की स्त…

चालीसा
शिव चालीसा
Śiva Cālīsā

शिव चालीसा भगवान शिव को समर्पित एक चालीस-छंदीय भक्ति-काव्य है, जो मध्यकालीन अवधी हिंदी की चौपाई-दोहा शैली में रचा गया है…

स्तोत्र
विष्णु सहस्रनाम
Viṣṇu Sahasranāma

विष्णु सहस्रनाम महाभारत के अनुशासन पर्व (अध्याय १४९) में संकलित एक अत्यंत पवित्र स्तोत्र है। इसे मरणशय्या पर पड़े भीष्म …