स्तोत्र
आदित्य हृदयम् (अर्थात् 'आदित्य का हृदय') सूर्य देव को समर्पित एक अत्यंत प्राचीन और शक्तिशाली वैदिक स्तोत्र है, जो महर्षि…
विष्णु सहस्रनाम महाभारत के अनुशासन पर्व (अध्याय १४९) में संकलित एक अत्यंत पवित्र स्तोत्र है। इसे मरणशय्या पर पड़े भीष्म …
श्री महालक्ष्म्यष्टकम् पद्म पुराण से उद्धृत एक भक्तिपूर्ण स्तोत्र है, जिसकी रचना देवराज इन्द्र ने देवी महालक्ष्मी की स्त…
शिव ताण्डव स्तोत्रम् एक महान संस्कृत स्तोत्र है, जिसकी रचना लंकापति रावण ने की थी — जो एक महान विद्वान और शिव के परम भक्…
सरस्वती वन्दना देवी सरस्वती — वाक्, ज्ञान, कला, संगीत, बुद्धि और विद्या की वैदिक देवी — को अर्पित सर्वाधिक प्रचलित प्रार…
गायत्री मन्त्र सबसे पवित्र वैदिक मन्त्र है, जो ऋग्वेद के तृतीय मण्डल के 62वें सूक्त के दसवें मन्त्र (ऋ.वे. 3.62.10) के र…
हनुमान बाहुक गोस्वामी तुलसीदास (लगभग १५३२–१६२३ ई.) की ४४ पदों की एक भावपूर्ण हिन्दी/अवधी रचना है, जो रामचरितमानस के रचयि…
महामृत्युञ्जय मन्त्र सम्पूर्ण वैदिक वाङ्मय के सर्वाधिक शक्तिशाली और जनप्रिय मन्त्रों में से है। इसका मूल स्वरूप ऋग्वेद क…
गणपति अथर्वशीर्ष — जिसे गणेशोपनिषद् भी कहते हैं — वैदिक भक्ति साहित्य में विशिष्ट स्थान रखता है। यह लघु उपनिषद् होते हुए…
लिंगाष्टकम् भगवान शिव के पवित्र लिंग-स्वरूप को समर्पित आठ श्लोकों का एक श्रेष्ठ स्तोत्र है। प्रत्येक श्लोक में संस्कृत क…
राम रक्षा स्तोत्र वैष्णव परंपरा की एक अत्यंत श्रद्धेय कवच-प्रार्थना है। बुधकौशिक ऋषि को भगवान शिव ने स्वप्न में यह स्तोत…
मधुराष्टकम् वल्लभाचार्य (1479–1531) द्वारा रचित एक श्रेष्ठ संस्कृत काव्य है। शुद्धाद्वैत दर्शन के प्रवर्तक और पुष्टिमार्…
कनकधारा स्तोत्रम् आदि शंकराचार्य (8वीं सदी ई.) द्वारा रचित एक प्रसिद्ध 21-श्लोकीय स्तोत्र है। परंपरा के अनुसार बाल्यावस्…