रक्षा

आध्यात्मिक उद्देश्य के अनुसार संकलित भक्ति पाठों का चयन।

चालीसा
हनुमान चालीसा
Hanumān Cālīsā

हनुमान चालीसा संत-कवि गोस्वामी तुलसीदास (लगभग 1532–1623 ई.) द्वारा अवधी भाषा में रचित चालीस पदों की भक्तिमय रचना है। यह उनकी विनय-पत्रिका का…

43 verses
आरती
जय अम्बे गौरी
Jaya Ambe Gaurī

दुर्गा आरती — 'जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी' से प्रारम्भ होने वाली — देवी दुर्गा की सर्वाधिक प्रिय आरती है। नवरात्रि, मंगलवार और दैनिक…

9 verses
स्तोत्र
आदित्य हृदयम्
Āditya Hṛdayam

आदित्य हृदयम् (अर्थात् 'आदित्य का हृदय') सूर्य देव को समर्पित एक अत्यंत प्राचीन और शक्तिशाली वैदिक स्तोत्र है, जो महर्षि वाल्मीकि रचित रामाय…

31 verses
स्तोत्र
विष्णु सहस्रनाम
Viṣṇu Sahasranāma

विष्णु सहस्रनाम महाभारत के अनुशासन पर्व (अध्याय १४९) में संकलित एक अत्यंत पवित्र स्तोत्र है। इसे मरणशय्या पर पड़े भीष्म पितामह ने युधिष्ठिर …

20 verses
स्तोत्र
श्री महालक्ष्म्यष्टकम्
Śrī Mahālakṣmyaṣṭakam

श्री महालक्ष्म्यष्टकम् पद्म पुराण से उद्धृत एक भक्तिपूर्ण स्तोत्र है, जिसकी रचना देवराज इन्द्र ने देवी महालक्ष्मी की स्तुति में की थी। इसमें…

11 verses
स्तोत्र
हनुमान बाहुक
Hanumān Bāhuk

हनुमान बाहुक गोस्वामी तुलसीदास (लगभग १५३२–१६२३ ई.) की ४४ पदों की एक भावपूर्ण हिन्दी/अवधी रचना है, जो रामचरितमानस के रचयिता की सर्वाधिक आत्मी…

30 verses
चालीसा
शिव चालीसा
Śiva Cālīsā

शिव चालीसा भगवान शिव को समर्पित एक चालीस-छंदीय भक्ति-काव्य है, जो मध्यकालीन अवधी हिंदी की चौपाई-दोहा शैली में रचा गया है — वही शैली जो रामचर…

42 verses
स्तोत्र
महामृत्युञ्जय मन्त्र
Mahāmṛtyuñjaya Mantra

महामृत्युञ्जय मन्त्र सम्पूर्ण वैदिक वाङ्मय के सर्वाधिक शक्तिशाली और जनप्रिय मन्त्रों में से है। इसका मूल स्वरूप ऋग्वेद के सातवें मण्डल (RV 7…

7 verses
चालीसा
राम चालीसा
Rāma Cālīsā

राम चालीसा भारतीय भक्ति परम्परा की एक अत्यन्त प्रिय रचना है, जो प्रभु श्री राम — विष्णु के सप्तम अवतार — की महिमा का गुणगान करती है। चालीस च…

42 verses
चालीसा
दुर्गा चालीसा
Durgā Cālīsā

दुर्गा चालीसा माँ दुर्गा की भक्ति में रचित चालीस चौपाइयों की अमृत-वाणी है। यह महाशक्ति के अनन्त स्वरूप — महाकाली, महालक्ष्मी, महासरस्वती — औ…

42 verses
स्तोत्र
राम रक्षा स्तोत्रम्
Rāma Rakṣā Stotram

राम रक्षा स्तोत्र वैष्णव परंपरा की एक अत्यंत श्रद्धेय कवच-प्रार्थना है। बुधकौशिक ऋषि को भगवान शिव ने स्वप्न में यह स्तोत्र प्रदान किया — ऐसी…

38 verses
स्तोत्र
महिषासुरमर्दिनी स्तोत्रम्
Mahiṣāsuramardanī Stotram

महिषासुरमर्दिनी स्तोत्रम् — जिसे इसके आरंभिक शब्दों से 'अयि गिरिनन्दिनि' भी कहते हैं — शाक्त परंपरा का एक सर्वाधिक प्रिय और लयबद्ध संस्कृत स…

21 verses
स्तोत्र
नवग्रह स्तोत्रम्
Navagraha Stotram

नवग्रह स्तोत्रम् वैदिक ज्योतिष परम्परा की सर्वाधिक व्यापक रूप से पठित प्रार्थनाओं में से एक है। इसमें नौ श्लोक हैं — प्रत्येक श्लोक एक-एक ग्…

9 verses